वास्तु: खुशहाल रहने की कला


वास्तु का प्रचलन कुछ वर्षां से बहुत हो गया है। वैसे तो वास्तु का इस्तेमाल बहुत वर्षो से हो रहा है एवं इसका उल्लेख नारद सहिंता में भी मिलता है लेकिन आज यह कई रूपों में उभर कर सामने आ रहा है। वास्तु का प्रमुख उदे्श्य घर कार्य या उद्योग में समृद्घि एवं शांति लाना है। यह केवल भूमि चयन या भवन निर्माण तक ही सीमित नही हैं। परन्तु इससे हम यह भी जान सकते है कि घर में फर्नीचर कैसे स्थापित करें, रसोई घर में चुला स्रद्दद्मड्ड रखा जाए या ड्रॉइग रूम में आंगतुक को किस स्थान पर बैठाया जाए। इस से अधिक लाभ हो एवं शांति से काम होता रहे। यहां वास्तु से जुडे कुछ उपयोगी और व्यावहारिक सुझाव दिये जा रहे है। जिन पर अमल करने से स्वास्थय, संपन्नता तथा खुशहाली बढऩे तथा मानव जाति के कष्ट निवारण की आशा दिखाई पड़ेगी।
घर उद्योग के उतर-पूर्व (ईशान) दिशा को बंद कर देने से देव का आर्शीवाद पहुंचने में बाधा आती है। इससे तनाव लड़ाई-झगड़ो के कारण परेशानी रहती है तथा घर में रहने वालो विशेष कर मालिक  श बच्चों का विकास अधूरा रह जाता है। 

जलाशय या जल के स्रोत को भूमि के उतर, पूर्व अथवा उतर-पूर्व में होना चाहिए जलाशय घर के दक्षिण-पूर्व दक्षिण में होना पुत्र पत्नी को क्षति पहुचा सकता है। दक्षिण - पश्चिम में भूमिगत जलाशय होने से यह परिवार के मुखिया या उद्योग के मालिक के लिए घातक हो सकता है।

उतर या पूर्व दक्षिण या पश्यिम की ओर अधिक खुला स्थान होना परिवार को पुरूष सदस्यों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।

घर अथवा उद्योग के उतर-पूर्व कोने में शोचालय जबर्दस्त आर्थिक क्षति पहुचा सकता है।  आपसी लड़ाई- झगड़े भी दिखाई देने लगते है। हरे, नीले पीले बल्ब ओर तौलिये, अपको तनावमुख होने में मदद करेगे।

ट्रांसफार्मर, जनरेटर, मोटर, बायलर, भट्टिया, तेल के इजन जैसे अग्रि कारण विद्युतीय उपकारणो को भूमि भवन के दक्षिण-पूर्व (आग्रे कोण) में रखने चाहिए।

पानी, विशेष कर बहता पानी साकारात्मक ऊर्जा तथा पैसो को आकर्षित करता है। अपने धन को दिशा (उतर)में एक छोटा सा व्वारा या मछली घर रखना चाहिए।

यदि दुकान, कार्यालय, फैक्ट्री में आगजनी लगना, चोरी की घटनाए होती है तो मंगल चित्र कि विधिवत स्थापना से असीम लाभ मिल सकता है।

गाड़ी, कार, बस, ट्रक आदि में भी भौम पत्र की स्थापना करना दुर्घटनाओं की आशंका को बहुत हद तक कम कर देता है।

घर, दुकान आदि में टेलीफोन अग्रिकोण में या ईशान एवं पूर्व में रखना चाहिए। आपके टेलीफोन के पास पानी, जूस, चाय आदि नही रखने चाहिए इससे टेलीफोन में गलत नंबर लगने शुरू हो जाएगे।

घर से मकड़ी के जाले तथा अनावश्यक वस्तुएं हटाने से शुरू कीजिए। वास्तु फैंगशुई के किसी उपचार का उपयोग करने से पहले यह जरूरी है। फिर आपके जीवन में ये जो परिवर्तन लाएं उनका मजा लीजिए। जैसे-2 आप संतोषदायक तथा संपन्न जीवन की ओर अग्रसर होगे, वैसे-2 आपकी समझ में यह आता जाएगा कि कभी-कभी वास्तु को खुशहाल रहने की कला क्यों कहा जाता है।

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